tag:blogger.com,1999:blog-9216577.post111231210217607909..comments2007-04-15T23:31:40.603-04:00Comments on तत्काल : गुरुजी चितंगविजय ठाकुरhttp://www.blogger.com/profile/07434149725823745952noreply@blogger.comBlogger2125tag:blogger.com,1999:blog-9216577.post-1112380290821381502005-04-01T13:31:00.000-05:002005-04-01T13:31:00.000-05:002005-04-01T13:31:00.000-05:00अतुल भाई: जल्दी समेटने की वजह थी कि पिछले दो तीन अ...अतुल भाई: जल्दी समेटने की वजह थी कि पिछले दो तीन अनुगूँज में भाग नहीं ले सका था, इस बार भी मिस नहीं करना चाहता था सो अंतिम मिनट में मन में जो उमड़ा घुमड़ा बस डाल दिया। निश्चिंत रहिये आगे इस विषय पर मेरे पास कहने को काफी कुछ छटपटा रहा है।Vijay Thakurhttp://www.blogger.com/profile/15528692817447149135noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-9216577.post-1112317936090244492005-03-31T20:12:00.000-05:002005-03-31T20:12:00.000-05:002005-03-31T20:12:00.000-05:00ठाकुर साहबआपने तो वर्तमान भेड़चाल के धुर्रे उड़ाकर र...ठाकुर साहब<BR/>आपने तो वर्तमान भेड़चाल के धुर्रे उड़ाकर रख दिये| मेरे ख्याल से आपकी तंद्रा कुछ और लंबी होती लेख और भी ज्यादा रसभरा हो जाता| न जाने क्यो मुझे लग रहा है आप ने मामला जल्द ही समेट दिया|Atul Arorahttp://www.blogger.com/profile/00089994381073710523noreply@blogger.com