tag:blogger.com,1999:blog-9216577.post111531555405621510..comments2007-04-15T23:31:40.946-04:00Comments on तत्काल : रामायण प्रसंगविजय ठाकुरhttp://www.blogger.com/profile/07434149725823745952noreply@blogger.comBlogger2125tag:blogger.com,1999:blog-9216577.post-1115432355412232802005-05-06T22:19:00.000-04:002005-05-06T22:19:00.000-04:002005-05-06T22:19:00.000-04:00ओ ये जस्टीफाई करने से होता है क्या? काफी लोग शिकाय...ओ ये जस्टीफाई करने से होता है क्या? काफी लोग शिकायत कर रहे हैं इस बात की मैं खुद ही परेशान था इस बात को लेकर, यही होता है अभी तो लिख लोढा पर पत्थर ही हूँ मैं टेक्नालजी के बारे में, ले-देकर ईमेल कर लेता हूँ या वर्ड प्रोसेसिंग। एकाध बार जीतू भैया और स्वामीजी उबार चुके हैं मुझे। खैर, प्वाइंट आउट करने का शुक्रिया आगे से अनजस्टीफाईड ही रहेगा :)Vijay Thakurhttp://www.blogger.com/profile/15528692817447149135noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-9216577.post-1115431672569765802005-05-06T22:07:00.000-04:002005-05-06T22:07:00.000-04:002005-05-06T22:07:00.000-04:00ठाकुर साब, ब्लाग का पोस्ट का हरेक की-स्ट्रोक अलग-...ठाकुर साब,<BR/> ब्लाग का पोस्ट का हरेक की-स्ट्रोक अलग-अलग दिखत है, फायरफाक्स में सिर्फ । सामग्री जसटीफाई किया हुआ है क्या । <BR/> अनुवाद जारी रक्खैं , उत्तम प्रयास है ।प्रेम पीयूषhttp://www.blogger.com/profile/13449062041157766221noreply@blogger.com