मुंबई। हिन्दी में ब्लॉग लिखने को लेकर मिलीजुली प्रतिक्रिया से (दैनिक 'नयी दुनिया के 30 अक्तूबर (जबलपुर संस्करण) से साभार) |
Thursday, October 30, 2008
दूसरों की मातृभाषा का अनादर न करें – अमिताभ बच्चन
Tuesday, October 28, 2008
रोडसाइड रोमियो - कुतवन लोग का मूभी
इसका ट्रेलर देखा रहा, पहिले लगा रहा कि दू गो बडका-बडका फिलम बनाने बाला सब लगे हुए है इसमे, उ का कहते है जहे से कि यश चोपडा , राज चोपडा का कम्पनी यशराज फिलम कंपनी और मिकी माउस वालन सब तो फिलम अच्छा ही बनेगा. पर एही उम्मीद में जब मूभी रीलिज हुआ तो सबसे पहिले डीवीडी खरीद के देख लिहिस. पर इ तो सचमुच कुकूर लोग का मूभी है. सैफवा और करीनवा दोनों इसमे कुकूर बने हैं और जम के कुकुरई किए हैं. गाना पे गाना ठेले हैं जम के लेकिन कुकुरन का नाम पूरा मिटटी में मिलाई दिए हैं. औ ऊ का कहते हैं कि इसमे गबरवा "अन्ना" जादा अच्छा काम किया है इसमे. बचवन लोग को ई मूभी कभी नही दिखाने का.
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