Wednesday, September 24, 2008

वेब-ढाबा

वैसे हिंदुस्तान में इसका प्रचलन बहुत ज्यादा नहीं हुआ है लेकिन अब इसका दौर शुरू होने को लगता है, और बात जब खाने पीने की हो तो लगता है इसकी शुरुआत देर से हो रही है। इन्टरनेट के इस दौर में अगर क्रेडिट कार्ड जेब में हो तो हम लगभग सबकुछ ऑनलाइन खरीद सकते हैं। लेकिन जब खाने पीने का मामला हो तो हमारे पास विकल्प कम ही होते हैं, इसी कमी को दूर किया है बंगलोर के पहली पीढी के उद्यमी अजय मोहन जी ने जिन्होंने बंगलोर वासियों को वेब-ढाबे का तोहफा देकर उनका काम आसान कर दिया है। इस पोर्टल पर न सिर्फ़ बंगलोर के सैकडों रेस्तराओं की सूची मौजूद है बल्कि उनका मेनू उनकी रेटिंग वगैरह वगैरह सब कुछ आप तफसील से देख कर आराम से अपना मनपसंद खाना मंगवा सकते हैं। न कोई डायरेक्टरी उठा कर ढूँढने की झंझट न फ़ोन उठाने की। सब कुछ मौजूद है यहाँ - बटरचिकन हो या मक्के दी रोटी बस एक क्लिक में हाज़िर तो आप अगर बंगलोर में हों तो आजमाइए आप भी वेब-ढाबे को । हाँ अब क्रेडिट कार्ड न मांगिएगा मुझ से :)

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